वेबसाइट नीतियां |

आँकड़ा प्रबंधन निदेशालय

वेबसाइट विकास, होस्टिंग और रखरखाव के लिए नीति

1. नीति की आवश्यकता

दुनियाॅं भर के व्यापार बडे पैमाने पर संचार मीडिया के रूप् में इंटरनेट की क्षमता का लाभ ले रहे है और वह इसका प्रयोग अपने ग्राहको के साथ संवाद करने में भी कर रहे है ।यह प्रोयोक्ता या नागरिक सरकार से भी इसी तरह से काम करने का उम्मीद करते है । नवीनतम तथा आधुनिक जानकारी मुहैया हो जैसे कि नियम,अधिनियम में कोई बदलाव,सभी नई अधिसूचनाएॅं ,परिपत्र,गतिविधियाॅं,घटनाएॅं तथा योजनाओं की जानकारी उन्हंे सम्बद्व वेबसाइट पर एक माउस क्लिक करने पर उन्हे उपलब्ध हो तथापि हमारी वेबसाइट पुराने तथा अप्रचलित सामग्री से भरी पडी है साथ ही इसमें वांछित सामग्री की भी कमी है । वेबसाइट समयबद्व तरीके से अद्वतन जानकारी को उपलब्ध करने के लिए संबधित व्यक्तियो के संवेदीकरण की अत्यंत आवष्यकता है अत यह सुझाव दिया जाता है कि विभाग के अंदर ही एक अच्छी सी रणनीति बनाई जाए ताकि वेबसाइट पर समयबद्व तरीके से अद्वतन जानकारी उपलब्ध कराई जा सके । इस संबंध में संस्था में एक स्पश्ट समझ होनी चाहिए कि वेबसाइट की सामग्री किस रूप् में वेब टीम को सौपीं जानी है ।

2. वेबसाइट की प्रमुख बाते

चुंकि विभाग की वेबसाइट बाहरी दुनियाॅं को उसका अक्स दिखाती है तो आवष्यक है कि वह विभाग का एक अभिन्न अंग लगे बजाय कि बाहरी सता के ,इसलिए विभाग तथा उसकी गतिविधियाॅं वेबसाइट पर उचित रूप से दिखाई जानी चाहिए । विभाग वेबसाईट द्वारा यह उददेष्य प्राप्त करना चाहता है इसके बारे में एक सुस्पश्ट कार्यनीतिक दृश्टि होनी चाहिए ताकि समय/संवेदनषील/सूचनात्मक जानकारी प्रकाषन संग्रह को सही से संभाला जा सके ।

3. विभागीय वेबसाइट के निमार्ण में प्रमुख मुददे :
i) विष्वसनीयता तथा प्रभाविकता-

विभागीय वेबसाइट सरकारी/विभागीय जानकारी का अधिकृत स्त्रोेत होती है अत यह आवष्यक है कि साइट पर दी जाने वाली जानकारी प्रभाविक हो और उस सूचना को प्रकाषित करने से पहले वह सम्बद्व पदाधिकारियों द्वारा विधिवत सत्यापित हो ।

ii) अद्वयतन सूचना-

यह अत्यंत आवष्यक है कि वेबसाइट पर दी गई जानकारी नवीनतम होनी चाहिए अन्यथा प्रोयोक्ता एक या दो बार साइट पर जाने के बाद उसमें अपनी रूचि खो देगा प्रोयोक्ता यह उम्मीद रखते है कि अधिनियम,नियमों,अधिसूचनाओं तथा कार्यालय ज्ञापनों आदि से संबंधित नवीनतम तथा अद्वयतन जानकारी प्रेस या कहीं ओर से प्राप्त होने से पहले वह वेबसाइट पर उपलब्ध हो अत जब भी विभाग में कोई नई गतिविधि होती है तो वह समाचार/सूचना वेबसाइट पर एक साथ दिखनी चाहिए ,यदि प्रकाषित होने से पहले न हो तो कम से कम एक साथ तो हो ।

iii) उपयोगकर्ता के अनुकूल-

विभागीय वेबसाइट नागरिकों के लिए उपलब्ध इंटरनेटर पर अनुकूल स्थान पर होनी चाहिए बेहतरीन पहुॅच तथा सरकारी सूचना तथा सेवाओं के प्रचार के लिए ।

iv) उत्तरदायित्तव-

नगरिकों द्वारा दी गई पृच्छाओं /सुझावों /षिकायतेे समयपर तथा सावधानी पूर्वक देखी जानी चाहिए वास्तव में सरकारी विभागीय वेबसाइट त्वरित कार्यवाई के लिए एक कारगर तरीका साबित हो सकती है ।