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आँकड़ा प्रबंधन निदेशालय

इतिहास

आर्थिक गतिविधि के किसी भी क्षेत्र में एक अच्छी योजना के लिए अच्छे ़सांख्यिकी डेटाबेस का होना अत्यंत आवष्यक है, यह बात अप्रत्यक्ष करों केन्द्रीय उत्पाद शुल्क, सीमा शुल्क, सेवा कर से प्राप्त राजस्व पर और भी अधिक लागू होती है जहाॅं कि नीति निर्धारकों को नीति बनाने के लिए तथा नियमित आधार पर एकत्रित राजस्व की निगरानी के लिए इन आॅंकडों की आवष्यकता होती है । अप्रत्यक्ष करों के संबंध में ध्वनि सांख्यिकीय प्रणाली बनाने की आवश्यकता को अब "आॅंकडा प्रबंधन निदेशालय"कहा जाता है।

आॅंकडा प्रबंधन निदेशालय की स्थापना

भारत सरकार की संाख्यिकी विषेशज्ञ समिति की अनुषंसा पर केन्द्रीय उत्पाद एव सीमा शुल्क बोर्ड सी बी ई सी में 1947 से नार्थ ब्लाक में एक छोटे यूनिट की स्थापना की गई धीरे धीरे 1972 में यह यूनिट बढते हुए एक पूर्ण विकसित निदेशालय में परिवर्तित हो गया जिसका नाम सांख्यिकी आसूचना निदेशालय, केन्द्रीय उत्पाद एवं सीमा शुल्क रखा गया ।

सी बी ई सी को सांख्यिकी आॅंकडे मुहैया करने के अलावा इस निदेशालय को महत्वपूर्ण प्रकाषनों जैसे केन्द्रीय उत्पाद एवं सीमा शुल्क एवं मासिक बुलेटिन प्रकाषित करने का कार्य भी दिया गया तथापि सांख्यिकी गतिविधियोंके बढने के कारण केन्द्रीय उत्पाद एवं सीमा शुल्क तथा बजट बुलेटिन के प्रकाषन के कार्य को सांख्यिकी कार्य से अलग कर दिया और केवल प्रकाषन कार्य को करने के लिए एक अलग प्रकाषन निदेशालय की स्थापना की गई ।

27 जून 2002 में सांख्यिकी आसूचना निदेशालय, का नाम "आॅंकडा प्रबंधन निदेशालय (डीडीएम) केन्द्रीय उत्पाद एवं सीमा शुल्क" रखा गया । आॅंकडा प्रबंधन निदेशालय आयुक्त आॅंकडा प्रबंधन निदेशालय जो कि विभागीय अध्यक्ष है के अधीन एक स्वायत निदेशालय की तरह काम करता है । इस कार्य में उनके सहायक एक उपमहानिदेषक डी डी जी ,एक अपर सहायक निदेषक डी सी, एक मुख्य संाख्यिकी अधिकारी मु,सां,अधि दो उप सहायक निदेषक डी सी/ए सी/आयुक्त, महानिदेषक, उपनिदेषक/सहायक निदेषक भारतीय राजस्व सेवाएॅं आई आर एस, केन्द्रीय उत्पाद एवं सीमा शुल्क से है । तथा डी डी जी, सी एस ओ तथा आर ओ भारतीय सांख्यिकी सेवाओं आई एस एस से है । एक सबसे वरिश्ठ कार्यक्रमक सी बी ई सी से है ।